Saturday, October 12, 2013

भुला दिए तुमने...

पुराने ख्वाब क्यों सारे जला दिए तुमने
किये थे हमसे जो वादे, कहाँ भुला दिए तुमने
बड़ा बेनूर सा ये खत्म होता अब सफर है
अँधेरों से हमारे रास्ते मिला दिये तुमने ।

कि ख्वाहिश तोड़ती दम, अब भी पीछे मुड़ के देखे है
कहीं उन पत्थरों से कोई इक आवाज़ आ जाए
कि जो दिल थे कभी पत्थर बने बेजान, राहों में 
है मुश्किल साँस लेना इतने आँसू ला दिए तुमने ।
किये थे हमसे जो वादे, कहाँ भुला दिए तुमने ॥

 - December 12, 2006

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